कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने रखा सरकार का पक्ष
देहरादून। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों ने 4 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया है। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से होगा। वहीं इस मामले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार का पक्ष रखा है।
सामाजिक और जन संगठनों, विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से होगा। उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने बताया कि अंकिता केस में नए आरोपों के बाद अब इस मामले की फिर से जांच करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक संगठनों और विपक्षी पार्टियों ने एकजुट होकर जन मुद्दों पर सीएम आवास कूच किए जाने की घोषणा की है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी सीएम आवास कूच किए जाने पर अपना समर्थन दिया है।
सरकार किसी भी तरह की जांच से मना नहीं कर रही है, कोई वैलिड सबूत लेकर तो आए- उनियाल

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सरकार का पक्ष रखा है। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में उनियाल ने कोर्ट के फैसले पर कुछ बिंदुओं पर फोकस करते हुए कहा कि ‘कोर्ट के फैसले में साफ लिखा गया है कि किसी भी रसूखदार को बचाने का प्रयास नहीं किया गया है। जिस रिकॉर्डिंग से यह पूरा मामला सामने आया है, उसी रिकॉर्डिंग में अंकिता भंडारी की आत्महत्या की बात कही गई है।’ उनियाल ने कहा कि जिन कॉल रिकॉर्डिंग को आधार बनाकर इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, उस कॉल रिकॉर्डिंग में दो बातें सामने आ रही हैं। उसमें अंकिता भंडारी की आत्महत्या की बात भी आई तो उसी रिकॉर्डिंग में हत्या की बात कही जा रही है। जबकि एक तरफ कोर्ट ने उसे हत्या माना है और आरोपियों को सजा दी है। दूसरी तरफ कुछ लोग अंकिता की हत्या से ही इनकार कर रहे हैं। उनियाल ने कहा कि इस मामले में कोई वैलिड सबूत लेकर सामने तो आए। सरकार किसी भी तरह की जांच से मना नहीं कर रही है।







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