कला संस्कृति

सबकी कहानियां एक जैसी हैं

By Somesh  सबकी कहानियां एक जैसी हैं उनके चेहरे भी। उनपर लिखी हुई कविताएं भी सब एक जैसी हैं। कितना दुखद है ये जानना, जिनपर कवियों ने सारी उपमाएं खत्म कर दी हों वो हजारों मील की यात्रा पैदल कर रहे हैं। अफसोस ! एक जैसा होना, एक होना नहीं होता। क्या ऐसे ही बैठे […]