देहरादून। उत्तराखंड में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक किया जाएगा। भवनों की स्व गणना की शुरूआत कल यानी 10 अपै्रल से होगी जिसकी शुरूआत राज्यपाल लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह करेंगे। पहले चरण में होने वाले मकान सूचीकरण व मकान गणना में 4491 सुपरवाइजर, 26348 प्रगणकों समेत 30839 लोगों की टीम होगी। इस दौरान घर-घर जाकर आंकड़े जुटाए जाएंगे। जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता के दौरान सचिव जनगणना दीपक कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए सेल्फ एन्यूमरेशन की सुविधा दी जाएगी। इस बार जनगणना में तकनीक का बड़ा इस्तेमाल किया जा रहा है। नागरिक सेन्सस सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए परिवार के मुखिया का नाम और एक मोबाइल नंबर अनिवार्य होगा। एक मोबाइल नंबर केवल एक ही परिवार के लिए मान्य रहेगा। दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
जनगणना का दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित की जाएगी। वहीं, हिमाच्छादित क्षेत्रों के 131 गांव और 3 नगरों में विशेष प्रावधान के तहत 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच गणना की जाएगी। सचिव ने बताया कि जनगणना-2027 कई मायनों में खास होगी। यह पहली बार होगा जब पूरी प्रक्रिया 100 प्रतिशत डिजिटल माध्यम से की जाएगी। प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने मोबाइल फोन के जरिए डेटा कलेक्ट करेंगे और पूरी मॉनिटरिंग se.census.gov.in पोर्टल के जरिए की जाएगी।







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