देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआइ जांच और वीआइपी का नाम उजाकर करने की मांग को लेकर राज्य में आंदोलन तेज हो गया है। राज्य के विभिन्ïन संगठनों, राजनैतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया। कूच के दौरान आंदोलनकारियों की पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। वहीं अंकिता भंडारी प्रकरण में बेवजह तूल देने की वजह बताकर भाजपा ने भी कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं इस मामले में प्रवासी उत्तराखण्डियों ने दिल्ïली के जंतर-मंतर में धरना प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीअइ को सौंपे और वीआइपी का नाम उजागर कर उसे सख्त सजा दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महिला हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आंदोलन पहले दिन से ही जनता ने लड़ा था तभी आरोपित तीन लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया। प्रदर्शन के दौरान उनकी पुलिस के साथ धक्ïका मुक्ïकी और नोंक-झोंक भी हुई।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रवासियों का प्रदर्शन
अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में रविवार को भू कानून संघर्ष समिति के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रवासियों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों और विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार पर भी मौन रहने का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने कहा यदि 10 दिन के अंदर मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआइ को नहीं सौंपी गई तो वे फिर भाजपा मुख्यालय को घेरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
कांग्रेस को राजनीतिक फायदे की चिंता- भाजपा
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस तथ्यों को नजरअंदाज कर राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रही है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रचि भट्ट ने कहा कि पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार और जांच एजेंसियां पूरी प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ कार्य कर रही हैं।
11 जनवरी को उत्तराखण्ड बंद का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान उत्तराखण्ड मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के मोहित डिमरी ने ऐलान करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध में 11 जनवरी को उत्तराखण्ड बंद रहेगा। इसके लिए सभी व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संगठनों से वार्ता की जाएगी।







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