नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई की पहुंच सभी तक होनी चाहिए और इसे खासकर ग्लोबल साउथ के लिए समावेशियता तथा सशक्तिकरण का साधन बनाना जाना चाहिए। पीएम ने कहा कि यह प्रदर्शनी भारत में हो रही है, जो मानवता के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। जहां दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है ओर जो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिभा के सबसे बड़े भंडार का केंद्र है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव का इतिहास में एक परिवर्तन अध्याय है। भारत एआई क्रांति का केवल हिस्सा नहीं है, बल्कि वह इसका नेतृत्व कर रहा है और इसे आकार भी दे रहा है। पीएम ने कहा कि भारत न केवल प्रौद्योगिकी बनाता है बल्कि उसे अभूतपूर्व गति से अपनाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को नई प्रौद्योगिकी को लेकर संदेह है लेकिन युवा पीढ़ी एआई को जिस तरह से अपना रही है वह अभूतपूर्व है। एआई शिखर सम्मेलन की प्रदर्शनी को लेकर भी यहां जबरदस्त उत्साह रहा है। पीएम ने कहा कि मानव इतिहास में कुछ ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ रहे हैं जिन्होंने सदियों को आकार दिया।
15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने जा रही है फ्रांस सरकार- मैक्रो
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने कहा कि बच्चों को एआई और डिजिटल अब्यूज से बचाना जी7 की प्राथमिकताओं में से एक है। इसी वजह से फ्रांस सरकार 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई वजह नहीं है कि हमारे बच्चों को ऑनलाइन ऐसी चीजों के संपर्क में लाया जाए जो असल दुनिया में कानूनी तौर पर मना हैं। हमारे प्लेटफार्म, सरकारों और रेगुलेूटर्स को इंटरनेट और सोशल मीडिया को एक सेफ जगह बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि पीएम मोदी आप भी इस क्लब को ज्वाइन करोगे। यह बहुत अच्छी खबर है कि भारत बच्चों और टीएनएजर्स की सुरक्षा के लिए इस तरह की अप्रोच अपनाएगा।







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