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हरिमोहन ने द्विघात समीकरण का मूल और त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने को नया सूत्र निकाला

हल्द्वानी। नंबरों का खेल भी बड़ा ही रोचक होता है और इसके खेल के माहिर किसी अजूबे से कम नहीं होते हैं। गणित के नए-नए सूत्र निकालने के लिए जाने जाने वाले ऐठाण कपकोट निवासी हरिमोहन सिंह एठानी ने दो नए सूत्र खोजे हैं। विषमबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल और द्विघात समीकरण का मूल निकालने के नए सूत्र खोज निकाले हैं। उनका दावा है कि इन सूत्रों की सहायता से गणित के सवाल और भी आसानी से हल किए जा सकेंगे।


हरिमोहन ने बताया कि 17 अगस्त को विषमबाहु त्रिभुज के क्षेत्रफल का सूत्र ज्ञात करने के लिए डायनेमिक बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्था ने विश्व रिकार्ड का प्रमाणपत्र दिया। इसके अलावा 19 अगस्त को द्विघात समीकरण मूल निकालने का सूत्र ज्ञात करने पर विक्टोरियस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्था ने उन्हें प्रमाणपत्र दिया। बता दें कि हरिमोहन का नाम लिम्का बुक ऑफ नेशनल रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, यूनिवर्सल रिकॉर्ड फोरम वर्ल्ड रिकॉर्ड, वंडर बुक ऑफ इंटरनेशनल रिकॉर्ड आदि में भी दर्ज है।

त्रिभुज के क्षेत्रफल के सूत्र का सत्यापन
विषमबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल निकालने के लिए अब तक केवल एक ही सूत्र ज्ञात है जिसे हीरोन का सूत्र कहते हैं। हीरोन 10वी शताब्दी में मिस्र शहर में पैदा हुए थे जो कि एक प्रसिद्ध गणितज्ञ और इंजीनियर थे। हरिमोहन ने करीब 45 मिनट अध्ययन के बाद त्रिभुज के क्षेत्रफल का सूत्र निकाला, जो इस प्रकार है।
अगर किसी त्रिभुज के तीन भुजाएं दी गयी है जिनका मान बढ़ते हुए क्रम मे हैं जो कि P unit , Q unit और R unit हैं।  

अगर त्रिभुज के आधार BC से Aशीर्ष पर एक लम्ब डालें जहां OAएक लम्ब है और OB = x unit है।
जिसका समीकरण इस प्रकार का बनता है
AB^2-OB^2=AC^2-OC^2
P^2-X^2=Q^2- (R^2-X^2)^2
P^2-X^2=Q^2- (R^2+X^2-2RX)^2
सरल करने पर
P^2=Q^2-R^2+2RX
X=(P^2-Q^2+R^2)/2R
X^2={(P^2-Q^2+R^2)^2/4R^2}

AO=√P^2-{(P^2-Q^2+R^2)^2/4R^2}
=√4P^2R^2-(P^2-Q^2+R^2)^2/2R
=√(2PR-P^2+Q^2-R^2)(2PR+P^2-Q^2+R^2)/2R
√{Q^2-(P-R)^2}{(P+R)^2-Q^2}/2R
=√(Q-P+R)(Q+P-R)(P+R+Q)(P+R-Q)/2R
So त्रिभुज का क्षेत्रफल=
1/2√(P+R+Q)(P+R-Q)(Q+R-P)(Q-R+P)/2R*R

=1/4√(P+R+Q)(P+R-Q)(Q+R-P)(Q-R+P)
अतः त्रिभुज का क्षेत्रफल=
1/4√(P+R+Q)(P+R-Q)(Q+R-P)(Q-R+P)

-b+√(b^2-4ac)/2a
-b-(b^2-4ac)/2a
श्रीधराचार्य गणितज्ञ का भी यही सूत्र है लेकिन हरिमोहन ने इसे समीकरण विधि से हल किया है।

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