यूथ

बीमारी से दूर रहें,अपनों से नहीं

गांव लौटे प्रवासियों के लिए गांव की बेटी रचना ने बनाई एक खूबसूरत पेंटिंग

Report ring desk

अल्मोडा। शहरों में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण और लॉकडाउन के चलते प्रवासियों का अपने घरों को लौटने का सिलसिला जारी है। अब तक हजारों प्रवासी शहरों से गांव लौट चुके हैं। प्रवासी गांव तो लौट रहे हैं पर यहां भी उनकी मुश्किलें कम नहीं हैं। कई गांवों में प्रवासियों को रहने, खाने-पीने की समस्या के साथ-साथ पास पड़ोसियों की बातें भी सुननी पड़ रही हैं।

‘हमें बीमार से नहीं, बीमारी से लड़ना है’ यह बात भी कई गांवों के लोगों को कहते सुना जा सकता है। लेकिन कई गांवों में प्रवासियों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रवासी ऐसे भी हैं जो कई सालों बाद अपने घर लौटे हैं, अब वे बंद दरवाजों को खोलकर उसी टूटे फूटे घरों में रहने को मजबूर हैं। बीमारी के भय से उन्हें पास पड़ोस के लोगों से भी कोई मदद नहीं मिल पा          रही है।

गांव लौटे प्रवासी और उनके साथ आ रही दिक्कत को ध्यान में रखते हुए धौलादेवी ब्लाक के चमुवां गांव निवासी रचना कार्की ने फिर से एक शानदार पेंटिंग बनाई है। यों तो रचना ने इससे पहले भी कोरोना वायरस से बचाव की पेंटिंग बनाई थी, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया और पेंटिंग को देखकर कोरोना से बचाव पर अमल भी किया। अब गांव की इस बेटी ने प्रवासियों को आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए एक नई पेंटिंग बनाई है। जिसमें प्रवासियों की मदद करते गांव के लोगों को दिखाया गया है साथ ही यह भी बताया गया है कि आप ‘बीमारी से दूर रहें अपनो से नहीं’। पेंटिंग के माध्यम से जहां गांव के लोगों को प्रवासियों का विरोध करते भी दर्शाया गया है, तो वहीं गांव और पड़ोस के लोगों द्वारा प्रवासियों के लिए भोजन और रहने का प्रबंधन भी दर्शाया गया है।

जनपद अल्मोड़ा के ग्राम चमुवां खालसा स्थित गौनाड़ी वार्ड की यह बेटी समय समय पर सामाजिक परिस्थितियों और उनके निराकरण से संबंधित पेंटिंग बनाती आई है। इस बार भी रचना कार्की ने अपनी पेंटिंग के माध्यम से गांव लौटे प्रवासियों को आ रही दिक्कतों और उसके समाधान से संबंधित एक खूबसूरत पेंटिंग बनाई है।

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