न्यूज़

भारत-नेपाल सीमा पर जोरों पर हो रही खाद की तस्करी

बार्डर सील होने के बावजूद कोई रोकने वाला नहीं

By Naveen Joshi 

खटीमा। नेपाल सीमा पर स्थित भारत के मेलाघाट क्षेत्र से खाद की तस्करी जोरों पर हो रही है। तस्कर भारतीय क्षेत्र से खाद, दवाइयां, परचून आदि सामान नेपाल ले जाकर महंगे दामों में बेचते हैं, बावजूद इसके इन तस्करों को रोकने वाला कोई नहीं है।

बता दें कि रोटी-बेटी का संबंध होने के चलते भारत-नेपाल के बीच बेरोकटोक आवागमन होता है। यहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसएसबी की तैनाती की गई है, लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी के चलते नेपाल की भारत से लगी सीमाएं सील की गई हैं, इसके अलावा पिछले दिनों नेपाल की ओर से की जा रही भारत विरोधी बयानबाजी के चलते सीमा पर कड़ी चैकसी बरती जा रही है। बावजूद इसके बेखौफ तस्कर भारतीय सीमा क्षेत्र पर स्थित दुकानों से खाद नेपाल पहुंचा रहे है। नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों ने मंगलवार सुबह साढे़ आठ बजे गश्त के दौरान तस्करी करने वालों का एक झुंड देखा, रुकने को कहने पर तस्कर नेपाल की ओर भाग गए। यह तस्कर भारत के सीमांत गांव के अंदर के रास्ते से खाद, दवाइयां, परचून आदि सामान साइकिल और सिर पर रखकर नेपाल पहुंचा रहे हैं।

इस बाबत एसएसबी सी कंपनी मेलाघाट के निरीक्षक पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि गश्त के दौरान जैसे ही एसएसबी जवान पिलर संख्या 797/1 से 797/2 की ओर बढ़े तो गांव के रास्ते से नावघाट के आगे नाला पार करके मेलाघाट क्षेत्र के तस्कर पिलर संख्या 797/1 पर दिखाई दिए, जिनका जवानों ने पीछा किया तो वे लोग नेपाल की ओर भाग गए। धामी ने बताया कि इस अवैध काम पर रोकथाम और अंकुश लगाने की जरूरत है।

उधर, तस्करी को लेकर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों में भी रोष है। उनका कहना है कि सरकारी खाद और दवाई लेने के दुकानों पर लाइन लगाकर घंटों इंतजार करना पड़ता है। साथ ही आधार नंबर भी देना पड़ता है, इसके बावजूद कभी कभार समय पर खाद और दवाइयां नहीं मिल पाती। वहीं तस्करों को खाद, दवाई, परचून आदि सामान आसानी से मिल जा रहा है, जिसे ये लोग नेपाल में महंगे दामों पर बेचते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *