short film maker Vijay Aryan
कला संस्कृति

हर पहाड़ी को देखनी चाहिए 12 मिनट की ये शॉर्ट फिल्म

हल्द्वानी। लोग अक्सर पहाड़ से हो रहे पलायन पर चिंता व्यक्त करते हैं लेकिन इसके असल
कारणों पर जिक्र नहीं करते। द्वाराहाट के विजय आर्यन ने पलायन की पीड़ा पर 12 मिनट
की शॉर्ट फिल्म बनाई है।

विजय आर्यन के अनुसार पहाड़ में बुनियादी सुविधाओं मसलन चिकित्सा, स्वास्थ्य और शिक्षा
के साधन न होने के कारण युवाओं को मूल निवास छोड़ना पड़ता है। शहरों में रह रहे इन युवाओं
को गांव की पगडंडियां याद आती हैं। साफ हवा और मनोरम दृश्यों को निहारना किसे अच्छा
नहीं लगता लेकिन सिर्फ इतने भर से पेट न पलेगा। पलायन मजबूरी हो गया है। इन्हीं
मजबूरियों को उन्होंने फिल्म के जरिए सामने लाने का प्रयास किया है।

फिल्म सरकारी सिस्टम पर कटाक्ष करती है कि ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों में इतनी सी भी ताकत नहीं है
कि वह युवाओं को पहाड़ में ही रोक सके। पहाड़ में सुविधाओं का टोटा इतना है कि लोग वहां
जमाने की जद्दोजहद के साथ कदमताल नहीं कर पाते। लोग भी देखादेखी नई पीढ़ी के भविष्य
को दृष्टिगत रख शहरों का रुख कर रहे हैं। फिल्म की एडिटिंग, स्क्रिप्ट और डायरेक्शन विजय
ने खुद किया है। शूटिंग में उनका साथ दीपक नेगी, माधव भट्ट और मीत सिंह सोंटियाल ने
दिया। उनकी फिल्म को अब तक यूट्यूब में 26 हजार से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। वह अगले महीने कॉमेडी वीडियो रिलीज करने वाले हैं।

हैंडीकैम से सीखीं बारीकियां
विजय का सपना फिल्म मेकिंग था। जब वह 12 साल के थे तो उनके पिता पनी राम एक हैंडीकैम
ले लाए। वह हैंडीकैम पर गांव के ही बच्चों की वीडियो बनाते और फिर घर पर उसकी एडिटिंग
करते थे। द्वाराहाट से ही स्नातक की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने नोएडा से फिल्म मेकिंग में
पोस्ट ग्रेजुशन किया है। उन्होंने अभी तक दो पंजाबी और तीन हिंदी गानों में एडिटिंग और
डायरेक्शन किया है। एक गढ़वाली गाने में अभिनय के साथ ही वह कुमाऊंनी में अब तक 12
वीडियो बना चुके हैं। इसके अलावा वह देख मिस्टर जोक्स उत्तराखंड नाम से फेसबुक पर एक
ट्रोल पेज भी चला रहे है। उनकी मां भगवती देवी गृहिणी हैं जबकि भाई योगेश कुमार दुकान
चलाते हैं।

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