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अल्मोड़ा( Almora) के संतोष (Shantosh)ने अपनायी( adopted) कुमाऊंनी( Kumaoni)चक्की (mill)

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जागेश्वर। पहाड़ में मंगलवार सुबह से ही रिमझिम बारिश जारी है। बारिश की वजह से खेतों का कार्य कर पाना भी मुश्किल था। ऐसे में संतोष ने बारिश के बीच समय को खाली नहीं जाने दिया बल्कि दो घंटे हाथ की चक्की घुमाकर परिवार के लिए आटे का इंतजाम कर लिया।

कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन की वजह से अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी ब्लाक स्थित
अपने गॉव चमुवां लौट आए संतोष कार्की घर में के्रटिव काम कर रहे हैं। उन्होंने हाथ की चक्की और ओखली को सुधारा। अब इन दोनों का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा बंजर पड़े खेतों को आबाद कर रहे हैं।

हाथ की चक्की और ओखली अब बीते जमाने की बात हो गई है। इन दोनों के बिना तब घर का काम ही नहीं चल पाता था। लेकिन समय के बदलाव के साथ-साथ हाथ की चक्की और ओखली गॉव-घरों से गायब सी हो गई। ऐसे में संतोष ने गॉव आकर फिर से हाथ की चक्की चलाना शुरू कर दिया है। ओखली का भी उपयोग कर रहे हैं। कोरोना काल में इलाके अन्य युवा भी इस तरह के प्रयोग कर रहे हैं।

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