corona pandemic lockdown ; drinkars are upset, not getting alcohol
अपनी बात

जब फैली शराब और सैनीटाइजार पीकर कोरोना को मारने की अफवाह !

By Lokesh Bisht

लॉकडाउन में सरकार ने सब्ज़ी, खाने पीने की चीज़ों पर मंडी शुल्क खत्म कर दिया था ताकि आम जनता को राहत मिल सके ,राज्य सरकारें इस पर सख्त भी दिखी किन्तु कुछ लोगों की लॉकडाउन में चांदी हो गयी । कुछ लोगों ने राशन व अन्य वस्तुओं की जमाखोरी की तो  कुछ लोगों ने शराब की । जिन जमाखोरों ने शराब जमा की थी उन्होंने इसे चोरी छिपे इसे दो से चार गुना महंगे दाम में बेचा, वैसे भी पीने वाले पैसे कहां पूछते हैं। कहते हैं दो पैग पीने के बाद भिखारी भी राजा हो जाता है।

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लॉक डाउन की फ्रस्ट्रेशन भी तो थी साहब इसको बहाना कहो फिर दवा। जी हां कुछ जाम इसलिए भी चले कि किसी ने अफवा फैला दी कि ऐल्कोहल से कोरोना मर जाता है । दिल तब टूट गया जब ये न्यूज़ आयी कि 60% ऐल्कोहल से मरता है कोरोना और शराब में 42%  और फिर पेट में मेटाबोलिस्म रिएक्शन होता है, इससे कोरोना नहीं मरता । ज्यादा धक्का शराबियों को इस बात से लगा जब एक एक अफवाह और फैली कि सैनीटाइजर में पानी मिलाकर पीने से नशा होगा और कोरोना भी मर जायेगा। बदले में जवाब मिला कि सीधे हॉस्पिटल जाना होगा और जान भी जा सकती है। कोरोना से पहले पीने वाले को सैनीटाइजर मार देगा । बहरहाल जो भी हो शराब की कालाबाजारी से कुछ ने मोटी कमाई कर ली और लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की प्रार्थना करने लगे।

इनकी मंशा तब धराशाई हो गयी जब सरकार ने शराब की दुकानें खोल दी। आखिर सरकार को भी आर्थिक स्थिति ठीक करनी थी फिर शराबियों को भी मौका मिला ये दिखाने का, सरकार की कमाई में अपना योगदान । फिर शराबियों ने दो पैग पीकर बता भी दिया कि उन्होंने अभी देश की आर्थिक स्थिति को कितना मजबूत कर दिया और देश ने ये स्वीकार भी किया।

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