साहित्य

 पंचगव्य…वेदों में है वर्णन जिसका…

पंचगव्य का वर्णन वेदों में भी मिलता है। गांव में इसका उपयोग धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में होता है। पांच पदार्थों के मिश्रण  से बनाया जाने वाले पंचगव्य को अब दवा  भी माना जा रहा है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि यह कोरोना के इलाज में काम आएगा। राजकोट के कामधेनु संस्थान ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। प्रस्तुत है इस मूल्यवान पंचगव्य पर कविता।

By G D Pandey

 पंचगव्य…

वेदों में है वर्णन जिसका, पांच पदार्थों का मिश्रण उसका,

 कामधेनु कहो चाहे गौ माता, दूध दही इसका सबको भाता ।

गाय का घी बुद्धि विवेक बढ़ाता, सुशील शांत और शुद्ध गौ माता,

इसका पंचगव्य पवित्र माना जाता. यह विषाणु विरोधी योगिक कहलाता ।

 वेदों में है वर्णन जिसका, पांच पदार्थों का मिश्रण उसका,

 मिल गई है गुजरात को युक्ति ।

उजागर की है पंचगव्य की शक्ति, दूध दही मक्खन गोबर और गोमूत्र,

मिलाने से बनता है पंचगव्य सूत्र, कोविड-19 के इलाज की अचूक दवा।

पंचगव्य होगी एक आयुर्वेदिक दवा,

वेदों में है वर्णन जिसका, पांच पदार्थों का मिश्रण उसका।

सक्रिय है इसमें कामधेनु संस्थान राजकोट, क्लीनिकल परीक्षण अहमदाबाद सूरत और राजकोट,

यदि हो जाएगा परीक्षा में पास, पंचगव्य तो रहेगा हमारे आसपास।

आयुर्वेद को नया आसमान मिल जाएगा, कोविड-19 का पुख्ता इलाज मिल जाएगा, 

वेदों में है वर्णन जिसका, पांच पदार्थों का मिश्रण उसका।

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