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आरोग्य सेतु डाउन लोड करने में ‘कांप’ रहे हाथ, अब तक 13 फीसदी की पहुंच में

  • उत्तराखंड में अभी केवल 1401724 लोगों ने ही डाउनलोड किया है कोरोना ट्रेकिंग एप
  • पूरी आबादी के पास ये एप होने में करीब-करीब 11 महीने लग जाएंगे
  • सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों ने कर्मचारियों के लिए अनिवार्य किया आरोग्य सेतु 

by Lokesh Singh,  Haldwani

वर्तमान में हर देश अपने-अपने स्तर पर कोरोना वायरस से लोगों को अलर्ट कर रहा है। भारत ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए आरोग्य सेतु एप बनाया है। इसके माध्यम से कोरोना संक्रमित लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। फिलहाल उत्तराखंड की 13.8 फीसदी आबादी के पास ही ये एप मौजूद है। बीते आठ दिनों में रोजाना औसतन 30210 लोग इस एप को डाउनलोड कर रहे हैं। अगर इसी के हिसाब से चलता रहा तो पूरी आबादी के पास ये एप होने में करीब-करीब 11 महीने लग जाएंगे। वहीं भारत सरकार की अपील के बाद कई सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों ने कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु को अनिवार्य कर दिया है।

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पूरी आबादी के पास एप होना संभव नहीं
आरोग्य सेतु एप के लिए फोन में जीपीएस और ब्लूटूथ होना आवश्यक है। 2011 की जनगणना के
अनुसार प्रदेश की करीब 70 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों की है। लाचार संचार सेवा होने के कारण यहां लोग ठीक से फोन पर बात भी नहीं कर पाते हैं। यहां कई लोग ऐसे हैं जिनके पास फोन नहीं है, जिनके पास फोन है तो वह भी साधारण फोन है। ऐसे में पूरी आबादी के पास ये एप हो यह संभव नहीं है।

भारत में केवल 0.7 फीसदी लोगों के पास आरोग्य सेतु
संयुक्त राष्ट्र के डाटा की मानें तो वर्तमान में भारत की जनसंख्या करीब 137.8 करोड़ है और भारत में करीब 10 करोड़ की आबादी ही आरोग्य सेतु एप इस्तेमाल कर रही है। जो कि जनसंख्या का 0.72 फीसदी हिस्सा ही है।

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आठ दिनों में कितने डाउनलोड
06 मई 2020 – 23733
07 मई 2020 – 22873
08 मई 2020 – 54984
09 मई 2020 – 13654
10 मई 2020 – 20
11 मई 2020 – 68325
12 मई 2020 – 23885
13 मई 2020 – 34209

विदेशों में भी सक्रिय हैं ऐसे एप
कोरोना के मरीजों पर नजर रखने के लिए कोरोना संक्रमण से ग्रस्त कई देशों ने एप बनाए हैं। चीन में ‘क्लोज कांटेक्ट डिटेक्टर’ और ‘हैल्थ कोड’ एप से कोरोना संक्रमितों पर नजर रखी जा रही है। वहीं दक्षिण कोरिया में ‘कोरोना मैप’ और ‘कोरोना 100एम’ से कोरोना के बारे में अलर्ट करने की विशेषता है। इसके अलावा ब्रिटेन में ‘सी-19 कोविड सिम्पट्म्स ट्रैकर’, सिंगापुर में ‘ट्रेस टूगेदर’ से संक्रमित को ट्रेस किया जा रहा है। भारत में आरोग्य सेतु एप के अलावा राज्य सरकारों ने भी कुछ एप लांच किए हैं। आंध्र प्रदेश में ‘कोरोना अलर्ट ट्रेसिंग सिस्टम’ के जरिए होम क्वारंटीन में रह रहे लोगों पर नजर रखी जा रही है। कर्नाटक सरकार की ओर से लांच किए ‘कोरोना वाच एप’ से कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के पिछले 14 दिनों के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।

कैसे काम करता है एप
आरोग्य सेतु एप के सही काम करने के लिए आपके आसपास सभी के फोन पर यह एप डाउनलोड होना आवश्यक है। मान लीजिए कोई व्यक्ति बाहर जाता है, जहां वह अपने दोस्तों या परिचितों से मुलाकात करता है। आरोग्य सेतु एप पर सभी की लोकेशन सेव हो जाती है। अगर इनमें से किसी के भी में भी कोरोना की पुष्टि होती है तो आरोग्य सेतु उन सभी लोगों को ट्रैक करता है जो पिछले 14 दिनों में संक्रमित के संपर्क में आए हैं। इसके बाद वह संक्रमित के संपर्क में आए सभी लोगों को फोन पर उस व्यक्ति के संक्रमण होने का अलर्ट भेजेगा।

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