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जब नगर कांग्रेस अध्यक्ष के ट्वीट पर सीएमओ पहुंचे अस्पताल के औचक निरीक्षण पर

By Suresh Agrawal, Odisha

केसिंगा। ऐसा बहुत कम देखने में आता है कि कोई ट्वीट करे और अधिकारी उसका संज्ञान लेने तुरन्त मौके पर पहुँच जायें। इसे सुखद आश्चर्य ही कहा जायेगा कि किसी ने केसिंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में हो रही अनियमितताओं की ओर आला अधिकारियों का ध्यानाकृष्ट किया और ज़िला चिकित्साधिकारी मामले की तहकीकात करने स्वयं यहाँ पहुँच गये। ट्वीट आम आदमी का होता, तो शायद ही उस पर ध्यान दिया जाता, क्योंकि यह किसी राजनीतिक पदाधिकारी द्वारा किया ट्वीट था, इसलिये सरकार खिंचे चले आये।

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन शिकायतों के बाद कि सीएचसी में निरामय योजना के तहत मुफ़्त में उपलब्ध दवाओं के लिये भी कुछ चिकित्सकों द्वारा मरीज़ों को बाहर से दवा ख़रीदने प्रेस्क्राइब किया जा रहा है, केसिंगा नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश राव द्वारा इसकी शिकायत ट्वीट कर मुख्यमंत्री, केंद्रीय तथा प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, ओड़िशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थित रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष प्रदीप्त नायक तथा ज़िलाधीश कालाहाण्डी से की गयी, जिसके कुछ घण्टे बाद ही उसका परिणाम सामने आया और स्वयं मुख्य ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रताप कुमार बेहेरा ने यहां पहुंच मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्र की तमाम कमियों, ख़ामियों के लिये ज़िम्मेदार अधिकारियों की क्लास ली एवं उन्हें ताक़ीद किया कि आगे से किसी भी आउटडोर मरीज़ को बाहर से दवा ख़रीदने प्रेस्क्राइब किया गया, तो ज़िम्मेदार चिकित्सक की ख़ैर नहीं।

ज्ञातव्य है कि केसिंगा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कालाहाण्डी ज़िले का एक अहम चिकित्सा केन्द्र है, जिस पर न केवल केसिंगा, अपितु कर्लामुण्डा, मदनपुर-रामपुर, नर्ला तथा पड़ोसी ज़िले बलांगीर का कुछ ग्रामीण क्षेत्र भी निर्भर करता है, परन्तु विभिन्न समस्याओं के चलते लोगों को उपचार की समुचित सुविधाएं नहीं मिल पातीं और प्रशासनिक लापरवाही के कारण विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से भी लोग वंचित रह जाते हैं। निरामय योजना भी उन्हीं में से एक है।
लोगों की शिकायत यह भी है कि उन्हें अपनी जांच रिपोर्ट मिलने में भी अत्यधिक विलम्ब होता है और जब रिपोर्ट उनके हाथ में आती है, तब तक चिकित्सालय बन्द हो जाता और बाद में मरीजों को चिकित्सक के घर जाकर नुस्ख़ा लिखवाना पड़ता है। ऐसे में चिकित्सक सरकारी पैड पर लिखने के बजाय किसी ऐसे निजी पैड पर नुस्ख़ा लिखते हैं, जो कि किसी दवा विक्रेता द्वारा मुहैय्या कराया गया होता है। अतः रिपोर्ट और चिकित्सालयीन समय में समायोजन अत्यावश्यक है।

बाद में मुख्य ज़िला चिकित्सा अधिकारी के साथ हुई आवश्यक बैठक में केसिंगा एमसीएच स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर सुबाष बेहेरा सहित अन्य चिकित्सक एवं स्टाफ़ द्वारा उन्हें स्वास्थ्य केन्द्र की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया गया, जिनमें नई डिज़िटल एक्सरे मशीन, एमसीएच के लिये डीजी मशीन, निरामय योजना के लिये पर्याप्त औषधि आपूर्ति, डॉक्टर्स एवं स्टाफ़ की स्थिति, रक्त-भंडारण इकाई संचालन हेतु आवश्यक प्रशिक्षण, निरामय काउण्टर से मरीज़ों के लिये चौबीसों घण्टे दवा उपलब्ध कराया जाना तथा सर्वोपरि मरीज़ों को उनकी जांच रिपोर्ट यथासंभव शीघ्र प्रदान किये जाने पर विचार-विमर्श किया गया।

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