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कालाहाण्डी में नया दलित आदिवासी महासंघ गठित : जाति एवं माटी के लिए करेगा संघर्ष

By Suresh Agrawal, Kesinga, Odisha

कालाहाण्डी की जाति एवं माटी हेतु संघर्ष करने दलित आदिवासी महासंघ नामक एक ग़ैर-राजनीतिक संगठन तैयार किया गया है। इस परिप्रेक्ष्य में गत 20 सितम्बर को आदिवासी नेता परमानन्द माझी की अध्यक्षता में भवानीपटना स्थित होटल भागीरथी इन में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुये एक बैठक आयोजित की गयी, जिसका संचालन विधिवेत्ता छबिलाल निआल द्वारा किया गया।

बैठक का आगाज़ देवीप्रसाद सिन्दूर के स्वागत भाषण के साथ हुआ।बैठक में तमाम वक्ताओं द्वारा समाज में दलित आदिवासियों के साथ हो रहे भेदभाव को मिटाने एवं उन्हें सामाजिक न्याय, संवैधानिक एवं मानवाधिकार दिलाने, व्यवसाय एवं शिक्षा आदि के क्षेत्र में पिछड़ेपन से बाहर निकाल मुख्यधारा से जोड़ने हेतु एक कार्यक्रम तैयार करने की घोषणा की गयी। वक्ताओं द्वारा पिछड़े आदिवासी समाज के लोगों को स्वाभिमानी, आत्मनिर्भर, नीति एवं दिशा-निर्धारक बनाये जाने की आवश्यकता प्रतिपादित की गयी। इसी प्रकार समाज में व्याप्त तमाम भ्रांतियों को दूर कर एक समतामूलक समाज की संरचना कर भाईचारे को मज़बूत करने की बात भी बैठक में उठाई गयी।

बैठक में महासंघ गठित किये जाने की घोषणा के साथ ही उसके नये पदाधिकारियों के नामों की भी घोषणा की गयी। सर्वसम्मत पदाधिकारियों में ओड़िशा प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी जबर भोई को अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। जबकि बतौर कार्यकारी अध्यक्ष धर्मेन्द्र नायक एवं परमानन्द माझी को मनोनीत किया गया। उपाध्यक्ष के तौर पर ओड़िशा राजस्व सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अनन्त शबर, छबिलाल निआल, दिगाम्बर दुरिआ, माणिक्य नायक, गंगाधर पात्र, सुरेश महानन्द तथा प्रकाश माझी को पद की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है। महासचिव -देवीप्रसाद सिन्दूर तथा सचिव -सर्वश्री प्रताप सुनानी, राजेन्द्र नायक, टंकधर माझी, चित्तरंजन बाग़, शंकर मेहेर, संजीव माझी तथा नन्द नायक होंगे।

कोषाध्यक्ष के लिये सर्वश्री लक्ष्मण भोई तथा भवानीपटना नगर अध्यक्ष नादराज नायक का नाम सूचीबद्ध किया गया है। महासंघ के सलाहकार मण्डल में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी प्रेमानिधि सेठ, पद्मकिशोर पुझारी (ओएएस), डॉक्टर सोनामाली बाग़ तथा डॉक्टर बासुदेव सुनानी आदि प्रमुख लोगों को स्थान दिया गया है।

बैठक में घोषणा की गयी कि तैयार रूपरेखा पर अमल करने ज़ल्द ही नगर एवं प्रखण्ड स्तरीय समितियों का गठन किया जायेगा, ताकि जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी ढ़ंग से लागू किया जा सके। बैठक का समापन भीष्मदेव भोई द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जबकि राजेश दीप, प्रेमसागर नायक तथा युवराज छत्रिया द्वारा बैठक हेतु अहम भूमिका निभायी गयी।

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