कला संस्कृति देश दुनिया न्यूज़

Mother’s day- मां तुझे सलाम….

आज मदर्स डे है, इस मौके पर जानी-मानी लेखिका अनीता शर्मा ने मां के नाम कुछ खूबसूरत पंक्तियां प्रेषित की हैं।  

By Dr. Anita Sharma, Shanghai

माँ………………

तुम अपने-आप में कितनी पूरी हो

सबमें अपना आपा तुम बाँट देती हो

और सभी को अपना समस्त ही दे देती हो

सभी में सारी बँट कर भी तुम कहाँ अधूरी हो

माँ तुम अपने-आप में कितनी पूरी हो

——————

एक मित्र की माता जी को

तृप्त और मुदित देख पूछा

माँ जी क्या करती हैं

जिससे ऐसे खुश रहती हैं

वह बोले

ये कुछ नहीं करती

मैं करता हूँ

माँ ने मुझे बड़ी मुसीबतों में पाला है

फिर भी इक फूल की तरह सम्भाला है

अब माँ बूढ़ी मैं बड़ा

अब मैं उसे सम्भाल लेता हूँ

माँ, भूखा ऑफ़िस भेजोगी,

खाना नहीं खिलाओगी ?

कह कर पास बिठा नाश्ता करा

फिर मैं ऑफ़िस जाता हूँ

वापिस आकर

उसके पास जाकर

उसके जीवन की कुछ मीठी यादें दोहरा

उसे थोड़ा गुदगुदा कर

फिर गर्मा-गर्म डिनर मेज़ पर सजा

क्या मज़ेदार ख़ुशबू है कह कर

उसे बच्चों की तरह मनाता हूँ

बूढ़ी माँ बच्ची हो गई

मैं पिता की भूमिका निभाता हूँ

माँ, मंदिर नहीं लेकर जाओगी ?

कह, उसे मंदिर ले जाता हूँ

झुकी कमर, कांपते हाथ

मंदिर की घंटी बजाने में अक्षम हैं

माँ, मैं भी तेरा अंश हूँ

कह कर जब घंटी बजाता हूँ

यह सुन हुलसती माँ को देख

मैं भी तृप्त हो जाता हूँ

थोड़ा पुराने विचारों का हूँ

मदर-डे नहीं मनाता

हर रोज़ उससे दुःख-सुख बाँटता हूँ

हर पल उसका आशीर्वाद पाता हूँ

एक दिन मदर-डे

सारे साल माँ अकेली रहे

ना, मदर-डे नहीं

हर दिन माँ-बेटे का दिन बनाता हूँ

————————✍️

डॉक्टर अनीता शर्मा (सखी) चौदह वर्ष से शंघाई चीन में निवास, अपना व्यवसाय कर रही हैं। कहानी, कविताएँ और लेख अनेक पत्रिकाओं में प्रकाशित।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *