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Lockdown में योग को बनाएं अपना साथी…

आजकल पूरे इंडिया में लॉकडाउन/lockdown चल रहा है। लोग अपने घरों में रहकर इस वायरस से बच रहे हैं। ऐसा न करने में न केवल खुद की भलाई है बल्कि हम दूसरे लोगों को बचाने में भी योगदान दे सकते हैं। सरकार द्वारा घोषित किए गए 21 दिन के देशव्यापी बंद का समर्थन कर इस खतरनाक वायरस virus से मुकाबला किया जा सकता है। अगर लोग घरों में रहकर नियमों का पालन करेंगे तो वायरस की चेन को तोड़ा जा सकेगा। अपने-अपने घरों में रहते हुए फिटनेस पर ध्यान देना भी जरूरी हो जाता है।
By Ashish Bahuguna, Beijing
लॉकडाउन के इस दौर में आपकी सेहत का सबसे बड़ा साथी योग है। यौगिक क्रियाओं, आसनों, यौगिक स्थूल व्यायाम, षटकर्म और ध्यान के जरिए आप अपने तन और मन को स्वस्थ व प्रसन्नचित्त बना सकते हैं। यही नहीं कई तरह की बीमारियों व शारीरिक दुर्बलता से भी आप निजात पायी जा सकती है।
योग केवल एक शब्द नहीं यह जीवनशैली है। इसे जिस हद तक अपना सकते हैं अपनाएं। योग एक विज्ञान भी है। आजकल की इस भागदौड़ भरी लाइफ में शरीर के अहम हिस्से जैसे पीठ और कूल्हे में काफी कठोरता आ जाती है। ऐसी स्थिति में शरीर में लचीलापन लाये बिना व्यायाम करने से शरीर को चोट लगने की सम्भावना बढ़ जाती है। कूल्हे में कठोरता होने से शरीर में रक्त संचार और ऊर्जा में कमी आ जाती है।
योग आसन आप के शरीर को लचीला बनाने में सहायता कर सकते हैं। कुछ आसनों को प्रतिदिन करने से शरीर के निचले हिस्सो में रक्त संचार में काफी परिवर्तन देखा गया है और यह आसन एक से अधिक मांसपेशियों पर काम करते हैं। कूल्हे को विश्राम देने के साथ-साथ यह पैर की तंग मांसपेशियों के लिए भी काफी लाभदायक होता है।
इस हफ़्ते भी हम जारी रखेंगे, पिछले अंक के हमारे हिप्स रीजन से फ़ैट कम करने वाले कुछ और नए आसन।
                                उत्थान प्रथासन
घुटने पर बैठ जाइए, फिर अपने दाहिने पैर को आगे लीजिए। अपने बाएं पैर को पीछे की तरफ़ खींचिये।अब अपनी कोहनियों तक हाथों को ज़मीन पर रखें।इस मुद्रा में कुछ समय रहें।फिर वापिस आ जायें और दूसरी तरफ़ से करें। ये आसन आपके नितंबो और पैर की मांसपेशियों को मज़बूत करता है। कमर दर्द वाले या घुटने में दर्द हो वो इस आसन को ना करें।
                            उपविष्ठ कोणासन
योग मैट पर सीधे होकर बैठ जाएं। दोनों टांगों को फैलाएं और बीच में 90 डिग्री का कोण बना लें। पैर के दोनों पंजों को बाहर की तरफ झुकाएं। दोनों पैरों को सीधा करें और टखने ऊपर की तरफ हो जाएं। इस अवस्था में कमर के निचले हिस्से में झुकाव महसूस होना चाहिए। असुविधा होने पर या बिगिनर्स मुलायम कुशन पर भी बैठ सकते हैं।
दोनों हथेलियों को हिप्स के पीछे योग मैट पर रखें। लंबी और गहरी सांस भीतर की तरफ खींचें।
कुछ सेकेंड तक इसी स्थिति में रुकें।कुछ ही समय में, टांगों में अच्छा स्ट्रेच महसूस होने लगेगा।
अब सांस छोड़ते हुए पेट को भीतर की ओर खींचें और सामने झुक जाएं। धीरे से अपने दोनों हाथों को सामने की तरफ ले आएं। सांस को गाइड की तरह इस्तेमाल करें। स्पाइन को जितना हो सके स्ट्रेच करें। असुविधा होते ही तुरंत रुक जाएं। लंबी, गहरी सांसें लें और अधिकतम एक मिनट तक रुकें। इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं। घुटनों को मोड़ें और टांगों को वापस एक साथ ले आएं

                   सुप्त बद्ध कोणासन
योग मैट पर शवासन (Shavasana) की मुद्रा में लेट जाएं। धीरे-धीरे घुटनों को भीतर की तरफ मोड़ें।
दोनों पैरों को एक साथ ही लेकर आएं। पैरों के बाहरी सिरे फर्श को छूते रहेंगे। अपनी एड़ियों को ग्रोइन के पास सटाकर रखें। दोनों हथेलियों को हिप्स के पास रखकर नीचे की तरफ दबाएं। सांस छोड़ते हुए, पेट की निचली मांसपेशियों को भीतर की तरफ खींचें।
टेलबोन को प्यूबिक बोन की तरफ खींचकर रखें।
पीठ के निचले हिस्से में बढ़ाव महसूस करें।पेल्विस को स्थिर रखते हुए रीढ़ की हड्डी को झुकाएं।
सांस को तुरंत खींचें रोकें और छोड़ दें। इस स्थिति में एक मिनट तक रुके रहें। अब सांस गहरी और धीमी गति से लें। सांस छोड़ते हुए आसन से बाहर आ जाएं।

सभी आसनों को 30-40 सेकंड ज़रूर होल्ड करें।आसनों को ऊपर दिये हुए क्रम में ही करें। हर आसन के बाद कुछ सेकंड आराम करें फिर दुबारा करें।आसन करने से पहले वॉर्म अप जरूर करें। अगर आसन होल्ड करते समय किसी भी तरह का किसी भी मांसपेशियों में दर्द हो तो होल्ड ना करें। इन आसनों के साथ आप पिछले अंक में दिये हुए आसन भी जोड़ सकते हैं।
अगले हफ़्ते भी हम इस क्रम को जारी रखेंगे और बताएंगे तीन और उपयोगी आसन। योग हर दिन करें भले ही 15-30 मिनट ही कर पाएं लेकिन ज़रूर करें।लॉकडाउन खुलने के बाद आप अपने शरीर को बहुत हल्का पाएंगे और मोटापा भी नहीं बढ़ेगा।

Physical benefits of Yoga

  • increased flexibility.
  • increased muscle strength and tone.
  • improved respiration, energy and vitality.
  • maintaining a balanced metabolism.
  • weight reduction.
  • cardio and circulatory health.
  • improved athletic performance.
  • protection from injury.

मिलते हैं, अगले सप्ताह, कुछ और आसनों के साथ। तब तक के लिए करते रहिए, आज बताए गए आसनों को।

लेखक जाने-माने योग शिक्षक हैं और मूल रूप से उत्तराखंड, ऋषिकेश के रहने वाले हैं। इसके साथ ही बीजिंग में वी-योग एकेडमी भी चलाते हैं।

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