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लॉकडाउन ने कर दिया यह कमाल, पढ़िए खबर..

कोरोना वायरस जहां दुनिया भर के लोगों के लिए तमाम मुसीबतें व चुनौतियां लेकर आया है। लेकिन इस महामारी ने वातावरण को पूरी तरह से साफ कर दिया है। इंडिया के तमाम शहरों में लोगों को साफ हवा नसीब हो रही है। इसके साथ ही लोग नीले आसमान के दर्शन भी कर पा रहे हैं।
Report Ring Desk
इंडिया के अधिकांश शहर प्रदूषण की समस्या से परेशान रहते आए हैं। लेकिन कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन ने राजधानी दिल्ली सहित देश के तमाम शहरों की रंगत ही बदल दी है। सड़कें वीरान हैं, न वाहन हैं न और कोई लोग। हर जगह कमोबेश ऐसी ही स्थिति है। जाहिर है इसका असर वातावरण पर तो पड़ना ही है। इससे वायु की गुणवत्ता बेहतरीन हो गयी है, अक्सर धुंध और प्रदूषण की मार झेलने वाले महानगरों में भी नीला आसमान नजर आ रहा है। लॉकडाउन के बाद देश में एयर क्वालिटी व पॉल्युशन को लेकर रिसर्च भी चल रही है। इसी कड़ी में आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने स्टडी शुरू की है। इसमें शुरुआती तौर पर बेहद ही अच्छा रिजल्ट सामने आया है।
बताया जाता है कि पिछले दिनों खींची गयी सेटेलाइट इमेज से वायु की गुणवत्ता बहुत अच्छी होने की खबर मिली है। इसके मुताबिक 23 मार्च से पहले तक दिल्ली में पृथ्वी की लेयर के करीब एनवॉयरमेंट में विभिन्न गैसों का कांसेंट्रेशन यानी सांद्रण 0.0002 आंका गया था। लेकिन अब यह कम होकर ज़ीरों यानी शून्य के पास पहुंच गया है। इससे साफ पता चलता है कि वायुमंडल को प्रदूषण से निजात मिल चुकी है।
हालांकि कोलकाता में प्रदूषण का स्तर अब भी उतना कम नहीं है। यह पहले से घटकर आधा तो हो गया है, लेकिन देश में सबसे अधिक है। जैसा कि हम जानते हैं कि देश के कुछ हिस्सों में अब भी थर्मल पॉवर प्लांट चल रहे हैं। जिससे प्रदूषण बना हुआ है। सेटेलाइट फोटो में देखा जा सकता है कि इन इलाकों में लाल धब्बे दिख रहे हैं, यानी यहां प्रदूषण का स्तर ज्यादा है।
आईआईटी रुड़की के अर्थ साइंस विभाग के प्रो. अरुण कुमार सराफ और प्रो. अजंता गोस्वामी ने लॉकडाउन को देखते हुए 23 मार्च के बाद सेटेलाइट से हासिल डाटा का अध्ययन शुरू किया।
प्रो. सराफ कहते हैं कि रिसर्च में यूरोपीय सेटेलाइट से हासिल इमेज की शुरुआती स्टडी के अनुसार जिन राज्यों में थर्मल प्लांट लगे हुए हैं, वहां प्रदूषण का लेवल अन्य जगहों से अधिक पाया गया है। सेटेलाइट इमेज में इन इलाकों में लाल धब्बे देखे गए हैं।
इन वैज्ञानिकों के मुताबिक देश की राजधानी में प्रदूषण के स्तर में भारी कमी दर्ज की गयी है। स्थिति इतनी अच्छी हो गयी है कि दिल्ली व आसपास के इलाकों में नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड व ओजोन गैसों का कांसेंट्रेशन लगभग शून्य तक आ पहुंचा है। हालांकि कोलकाता में अब भी प्रदूषण का लेवल ऊंचा देखा जा रहा है।

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