कला संस्कृति

तेरे जाने के बाद…

By Harish

जिंदगी अधूरी सी थी
तेरे आने से पहले,
ज़िंदगी पूरी हुई
तेरे आने के बाद,
ज़िंदगी फिर से अधूरी हो गई
तेरे जाने के बाद,,

मैं अकेला खुश था
तेरे आने से पहले,
मैं खुशनसीब हो गया
तेरे आने के बाद,
मैं मुस्कुराना भूल सा गया
तेरे जाने के बाद,,

मुझमें बहुत कमियाँ थी
तेरे आने से पहले,
मैं खुद की कमियों को सुधारने लगा
तेरे आने के बाद,
मेरा आचरण ही परिवर्तित हो गया
तेरे जाने के बाद,,

मैं दोस्तों में खुश था
तेरे आने से पहले,
मैं दोस्तों से दूर हो गया
तेरे आने के बाद,
मैंने उन्हें फिर से पा लिया
तेरे जाने के बाद,,

अंजान था मैं ‘प्यार’ से
तेरे आने से पहले,
समझा मैंने महसूस किया प्यार को
तेरे आने के बाद,
जो मेरा होकर भी न हो सका
उसे खो दिया मैंने
तेरे जाने के बाद,,

अकेला था पर खुश था
तेरे आने से पहले,
साथ जब तेरा मिला
लगा जैसे सारा जहाँ मिल गया हो
तेरे आने के बाद,
सब कुछ तो था मेरे पास
फिर भी वीरान है ज़िंदगी
तेरे जाने के बाद,,

हरीश, हरदा पहाड़ी

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