साहित्य

फूल और बच्चे…

By GD Pandey, Delhi

खिलते फूल और खेलते बच्चे सबको है पसंद आते,
संसार लगता निराला जब फूल और बच्चे मुस्कुराते.
फूलो की चमक औरबच्चो की मधुर किलकारियां,
महका देते हैं घर आंगन और माली की क्यारियां रंग-बिरंगे पुष्पों से प्रसन्न हो जाता मन,
खेलते कूदते बच्चों से परिपूर्ण हो जाता प्रांगण.
बाग बगीचे और धरती का श्रंगार है सुमन,

घर समाज और राष्ट्र का गौरव है बचपन.
क्यारियों के फूल और बच्चों का बचपन बचाओ,
रहो जागरूक तीसरी लहर से बच्चों को बचाओ.
भविष्य के कर्णधार हैं बच्चे राष्ट्र निर्माता कहलाते हैं,
इनके चमत्कारी आविष्कार जगत में नया सवेरा लाते हैं.
बच्चे होनहार बहादुर निडर और निर्भीक होते हैं,
विषाणु से लड़कर जीतने में सक्षम होते हैं.
बच्चों की प्रतिरोधी क्षमता और सरकार की जागरूकता,
सुनिश्चित कर सकती है तीसरी लहर की विफलता.
खिलते फूल और खेलते बच्चे सबको पसंद आते,
संसार लगता निराला जब फूल और बच्चे मुस्कुराते.

 

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