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एडवाइजरी जारी करने के कुछ ही घंटे बाद फैसला वापस

उड़ीसा के कालाहाण्डी में जारी हुई नई एडवाइज़री, पहले वहां ऑड-इवन के आधार पर दुकानें खोलने की अनुमति दी गयी थी। लेकिन लागू करने के कुछ ही देर में बदल गया फैसला

By Suresh Agrawal, Odisha

केसिंगा। उड़ीसा स्थित कालाहाण्डी ज़िला प्रशासन द्वारा 28 अप्रैल को एक नई एडवाइजरी ज़ारी कर कपड़ा, फ़ैंसी तथा जूता-चप्पल आदि दुकानों को भी लॉकडाउन के दौरान सम-विषम क्रम के आधार पर खोलने की अनुमति प्रदान की गयी थी, परन्तु उसे लागू करने के कुछ घण्टे बाद ही उसे पुनः उठा लिया गया, इससे जहाँ एक ओर व्यापारी वर्ग में द्वन्द की स्थिति उत्पन्न हो गयी, वहीं काफी निराशा का भाव भी देखने को मिला।

प्रशासन द्वारा नई व्यवस्था लागू करने हेतु दुकानों पर (ए) तथा (बी) लिख कर चिन्हित भी कर दिया गया था, ताकि सम-विषम क्रम का ठीक के पालन किया जा सके। कपड़ा, फ़ैंसी सामान तथा जूता-चप्पल दुकानदारों को झटका तब लगा, जब 29 अप्रैल को खुल चुकी दुकानों को प्रशासन द्वारा बन्द करने को कहा गया। प्रशासन के रवैये पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुये चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज अध्यक्ष, केसिंगा अनिल कुमार जैन ने कहा कि -स्थिति के अध्ययन की कमी के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, यदि प्रशासन व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर एडवाइजरी लागू करता तो ऐसा कदाचित न होता।

वहीं कालाहाण्डी मर्चेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष विजय साहू द्वारा भी प्रशासन द्वारा व्यापारी समुदाय के विमर्श के बिना उठाये गये कदम पर निराशा व्यक्त की गयी है। उन्होंने बतलाया कि आज 29 फ़रवरी को प्रातः दस बजे ज़िला प्रशासन द्वारा आनन-फ़ानन में बुलायी गयी बैठक में वह इसलिये भाग लेने में असमर्थ हैं, क्योंकि अल्पावधि सूचना पर ज़िले के विभिन्न स्थानों से व्यापार प्रतिनिधियों का बैठक में ज़िला मुख्यालय पहुंचना सम्भव नहीं होगा। अतः हम चाहेंगे कि ज़िलाधीश दो दिन के अन्तराल पर बैठक आयोजित कर व्यापारी समुदाय को अपनी बात रखने का मौक़ा प्रदान करें। इस परिप्रेक्ष्य में केसिंगा नगरपालिका प्रशासक सिध्दार्थ पटनायक से पूछे जाने पर उनका कहना था कि तमाम तरह की दुकानें एकसाथ खोले जाने पर सामाजिक दूरी का ठीक से पालन न होने के कारण ज़िलाधीश द्वारा अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुये निर्णय को वापस लिया गया।

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