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क्या है योग की परिभाषा…

आजकल पूरे इंडिया में लॉकडाउन/lockdown चल रहा है। लोग अपने घरों में रहकर इस वायरस से बच रहे हैं। ऐसा न करने में न केवल खुद की भलाई है बल्कि हम दूसरे लोगों को बचाने में भी योगदान दे सकते हैं। सरकार द्वारा घोषित किए गए 21 दिन के देशव्यापी बंद का समर्थन कर इस खतरनाक वायरस virus से मुकाबला किया जा सकता है। अगर लोग घरों में रहकर नियमों का पालन करेंगे तो वायरस की चेन को तोड़ा जा सकेगा। अपने-अपने घरों में रहते हुए फिटनेस पर ध्यान देना भी जरूरी हो जाता है।
By Ashish Bahuguna, Beijing
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इस हफ़्ते हम आपको बताएंगे योग की परिभाषा। वैसे शब्दों में यह समझना काफी नहीं है कि योग क्या है। सिर्फ़ दो शब्दों में योग एक बहुत ही गहरा और प्रभावशाली विषय है। योग का अर्थ है जोड़ना। जीवात्मा का परमात्मा से मिल जाना, पूरी तरह से एक हो जाना ही योग है। योगाचार्य महर्षि पतंजली ने सम्पूर्ण योग के रहस्य को अपने योगदर्शन में सूत्रों के रूप में प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, “चित्त को एक जगह स्थापित करना योग है। योग सिर्फ़ शरीर को फ़िट करने के लिए ही नहीं बल्कि अपने आपको जानने का विज्ञान भी है।
अगर हमारा शरीर स्वस्थ नहीं है तो योग के उच्चतर अभ्यास करना मुश्किल हो सकता है। इसलिये आसन करने का अपना एक महत्व है।आसन करने से हम अपने शरीर को स्वस्थ और नज़दीक से जान सकते हैं। जब हम योगासन करते हैं तब हम सांस पर भी ध्यान करते हैं, जिससे हमारा मन और भीतर की तरफ़ मुड़ जाता है।
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इस हफ़्ते भी हम जारी रखेंगे हिप ओपन करने के तीन सरल आसन
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                             तितली आसन
पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं, रीढ़ की हड्डी सीधी रहे। घुटनों को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं, पांव के तलवे एक दूसरे को छूते हुए। दोनों हाथों से अपने दोनों पैरों को कस कर पकड़ लें। सहारे के लिए अपने हाथों को पांव के नीचे रख सकते हैं।एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें। लेकिन हां यह करते वक्त ध्यान रहे कि हाथ सीधे रहें और शरीर भी पूरी तरह सीधा होना चाहिए। ऐसा इसलिए करना चाहिए, ताकि रीढ़ की हड्डी सीधी हो जाए। लंबी,गहरी सांस लें, सांस छोड़ते हुए घुटनों व जांघों को फर्श की ओर दबाएं।
तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें। और धीरे धीरे गति बढ़ाएं।
जितना संभव हो उतनी तेज़ी से प्रक्रिया को करें।
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                             मालासन
योग मैट पर ताड़ासन में खड़े हो जाएं। रीढ़ को खींचते हुए पेट को भीतर की ओर खींचें। दोनों हाथों को नमस्ते या प्रणामासन की मुद्रा में लेकर आएं। गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।
सांस छोड़ते हुए घुटनों के बल नीचे बैठ जाएं। टांगें साथ रहेंगी लेकिन घुटनों के बीच अंतर रहना चाहिए। जांघों को धीरे-धीरे फैलाएं। जांघों को शरीर की चौड़ाई से थोड़ा बाहर ले जाने का प्रयास करें। सांस छोड़ते हुए आगे झुकें जिससे धड़ जांघों के बीच में फिट हो जाए।दोनों कु​हनियां इनर थाइज पर टिका दें।अब धड़ आराम से बाहर निकल सकेगा। भीतरी जांघों को धड़ के बगल से दबाएं।
बाहों को फैलाकर घुमाएं कि पिंडली बगल में फिट हो जाए।अब अपनी एड़ियों को पकड़ें। इस पोज को कुछ सेकेंड तक रोककर रखें।सांस ​भीतर खींचते हुए आसन को विराम दें।
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                    अनंत आसन (विष्णु आसन)
सबसे पहले आसन बिछाकर उस पर बैठ जाएं। इसके बाद पीठ के बल लेट कर दायीं करवट लें।
अब दाहिनी हथेली के सहारे सिर को ऊपर उठाएं। ध्यान रहे कि कोहनी जमीन पर स्थिर रहे।
बायीं हथेली को छाती के पास जमीन पर रखें, यदि आपसे हो सके तो पैरों को सीधा कर लें।
इसके बाद अपने बायें पैर को ऊपर उठाएं और फिर धीरे-धीरे नीचे रखें।ऐसा कम से कम तीन बार करें। अब घूम कर बायीं करवट लें। अब इस प्रक्रिया को बायीं ओर भी दोहरायें। बाद में पीठ के बल लेट जाएं और आराम करें।

इन सभी आसनों को उपर्युक्त क्रम में करें।हर आसन को 3-5 बार रिपीट करें। आसन को 30-40 सेकंड तक होल्ड करें। हर आसन के बाद कुछ सेकंड आराम करें।नियमित अभ्यास करने के बाद सिर्फ़ कुछ दिनो में ही आसन के फ़ायदे देखने लगेंगे। धीरे-धीरे आसन को होल्ड करने का समय बढ़ाएं। इसमें पिछले अंक के आसन भी आप जोड़ सकते हैं। अगर हिप्स की फ्लेक्सिबिलटी अच्छी है तो बहुत सारे आसन सरल लगने लगते हैं।

Physical benefits of Yoga

  • increased flexibility.
  • increased muscle strength and tone.
  • improved respiration, energy and vitality.
  • maintaining a balanced metabolism.
  • weight reduction.
  • cardio and circulatory health.
  • improved athletic performance.
  • protection from injury.

मिलते हैं, अगले सप्ताह, कुछ और आसनों के साथ। तब तक के लिए करते रहिए, आज बताए गए आसनों को।

लेखक जाने-माने योग शिक्षक हैं और मूल रूप से उत्तराखंड, ऋषिकेश के रहने वाले हैं। इसके साथ ही बीजिंग में वी-योग एकेडमी भी चलाते हैं।

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