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अमेरिका पहुंची भारत से भेजी गयी दवा, अमेरिका में हालात बेकाबू

 अमेरिका में अब तक लगभग 20 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह अमेरिका ने कोरोना वायरस से हुई मौतों के मामले में इटली को भी पीछे छोड़ दिया है। पिछले चौबीस घंटों में अमेरिका में दो हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं। वहीं 5 लाख से अधिक लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित हुए हैं। स्थिति इतनी खराब हो गयी है कि लोगों को दफनाने के लिए जगह की कमी पड़ रही है।
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अमेरिका में कोरोना वायरस का कहर जारी है और अब तक करीब 20 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह सबसे अधिक मौतों के मामले में अमेरिका ने इटली को भी पीछे छोड़ दिया है। इस बीच इंडिया से भेजी गयी हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन दवा की पहली खेप अमेरिका पहुंच चुकी है। कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज़ों के इलाज में यह दवा कुछ हद तक प्रभावी असर दिखा रही है। हालांकि भारत सरकार ने देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस दवा के निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित अन्य कई देशों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन मुहैया कराने का आग्रह किया था। इसके बाद इंडिया ने अमेरिका, ब्राजील, इजराइल आदि देशों को यह दवा भेज दी। भारत ने दवा को देश से बाहर भेजने पर लगी पाबंदी को मानवीय आधार पर हटाने का फैसला किया था।
यहां बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की गुजारिश पर इस सप्ताह के शुरु में भारत ने अमेरिका को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन की 35 लाख से अधिक गोलियों के निर्यात को हरी झंडी दे दी। वहीं दवा बनाने में काम आने वाली लगभग 9 टन सामग्री भी भेज दी गयी है।
 अमेरिका में भारत के एंबेसडर तरणजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म, ट्विवटर पर लिखा, कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में हमारे सहयोगियों को हमारा पूरा सहयोग है। इंडिया से मलेरिया रोधी दवा की खेप अमेरिका के एयरपोर्ट पर उतर चुकी है।
 गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी से उक्त दवा के निर्यात को मंजरी देने का अनुरोध किया था। इसके पश्चात इंडिया की ओर से 7 अप्रैल से हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन के निर्यात की अनुमति दे दी गयी। ध्यान रहे कि इंडिया इस मलेरिया रोधी दवा का प्रमुख निर्माता है, पूरे विश्व में भारत में ही इस दवा का 70 फीसदी से ज्यादा उत्पादन किया जाता है।

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