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Good News: अब इंडिया में बनेगी कोरोना की 100 करोड़ वैक्सीन, पढ़िए पूरी खबर..

कोरोना वायरस के कहर के बीच एक अच्छी खबर आ रही है कि इंडिया में वैक्सीन बनाने को लेकर तेजी से काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी एसआईआई की प्रयोगशाला में कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन और आपूर्ति करने का काम ज़ोरों पर  है। शायद इस साल के आखिर तक बड़ी मात्रा में वैक्सीन तैयार भी हो जाय।
Report Ring Desk, Delhi
कोरोना वायरस ने दुनिया भर में कोहराम मचा रखा है, और अब तक लाखों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इंडिया में भी कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि अब तक कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो पायी है, जिससे कि लोगों को इस जानलेवा वायरस से बचाया जा सके।
वैक्सीन बाज़ार में कब तक आएगी, इसको लेकर कयासों का दौर जारी है। क्योंकि बीच-बीच में खबर आती है कि कोई देश वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल कर रहा है और सितंबर तक यह मरीजों के लिए उपलब्ध हो पाएगी। पर इसी दौरान वैज्ञानिक और शोधकर्ता इतनी जल्दी वैक्सीन विकसित करने की संभावना को नकार देते हैं।
लेकिन इस सबके बीच एक अच्छी खबर आ रही है कि इंडिया में वैक्सीन बनाने को लेकर तेजी से काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया यानी एसआईआई की प्रयोगशाला में कोविड-19 वैक्सीन का उत्पादन और आपूर्ति करने का काम ज़ोरों पर हो रहा है।
खबरों की मानें तो ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका का कहना है कि वह AZD1222 की आपूर्ति के लिए इंडिया का सहयोग ले रही है। इसमें पुणे स्थित लैब के साथ लाइसेंस को लेकर कांट्रेक्ट होने वाला है। इससे भी बड़ी खबर यह है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कोविड-19 की तैयार होने वाली वैक्सीन की आपूर्ति का काम एस्ट्राजेनेका को सौंप रखा है।
इंडिया की एसआईआई और स्वीडिश-ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने लगभग 100 करोड़ वैक्सीन तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें से करीब 40 करोड़ वैक्सीन की सप्लाई इस साल के आखिर तक होने का दावा किया जा रहा है। अगर ऐसा हो पाया तो इस वैक्सीन का लाभ न केवल इंडिया के लोगों को मिलेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी इसे निर्यात किया जाएगा।
गौरतलब है कि कोविड-19 को काबू में करने के लिए वैक्सीन बनाने की दिशा में प्रसिद्ध यूनिवर्सिटी ऑक्सफोर्ड अग्रणी भूमिका निभा रही है। बताते हैं कि यहां वैक्सीन का परीक्षण दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। पिछले दिनों घोषणा की गयी कि 10 हज़ार वयस्कों को ट्रायल के लिए शामिल किया जाएगा।
यहां बता दें कि पुणे स्थित लैब में 165 देशों के लिए 20 प्रकार की वैक्सीन तैयार की जाती है। लेकिन कोविड-19 को लेकर वैक्सीन बनाने में इस लैब को ज़िम्मेदारी मिलना बहुत बड़ी बात होगी।

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