देश दुनिया

100 साल में क्या किया चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने?

Report Ring News, Beijing

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपनी स्थापना के सौ साल पूरे कर लिए हैं। इन सौ वर्षों में सीपीसी ने गरीबी व संकट से घिरे चीनी नागरिकों का जीवन बदलने में अहम भूमिका निभाई है। क्योंकि भुखमरी, सामंतवाद व तमाम परेशानियों का सामना करने वाले लोगों की लाइफ़ आज समृद्ध हो चुकी है। विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में भी सीपीसी, सरकार व देश के नागरिकों के व्यापक योगदान को नकारा नहीं जा सकता है।

इस बीच सीपीसी के मिशन और योगदान पर एक अहम दस्तावेज़ जारी किया गया है। द सीपीसीः इट्स मिशन एंड कंट्रीब्यूशन शीर्षक दस्तावेज में पिछले सौ वर्षों में सीपीसी और चीनी नागरिकों ने देश के निर्माण में जो संघर्ष व योगदान दिया है, उसका उल्लेख किया गया है।

इस दस्तावेज़ को पढ़ने से स्पष्ट होता है कि सीपीसी देश के नागरिकों के हितों को सबसे ऊपर रखती है और उनका जीवन बेहतर बनाने के लिए समर्पित भी है। चीनी जनता इस बात को अच्छी तरह जानती है कि उनकी लाइफ में पिछले कुछ दशकों में जो व्यापक परिवर्तन आया है, उसके पीछे किसका हाथ है।

ध्यान रहे कि चीन ने पिछले कुछ दशकों में करोड़ों लोगों को गरीबी के चंगुल से मुक्त कराया है। राष्ट्रपति शी के सत्ता में आने के बाद गरीबी उन्मूलन ने एक बड़े अभियान का रूप लिया। जिसका असर हमने देखा भी है, चीन ने पिछले साल के अंत तक अत्यधिक गरीबी को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। सच्चाई यह भी है कि सीपीसी के नेतृत्व में चीन ने जितने लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकाला है, वह विश्व का 70 फीसदी है। इतना ही नहीं चीन ने हाल के दशकों में इतना विकास किया है, जिसे हासिल करने में पश्चिमी देशों को सौ साल से भी ज्यादा वक्त लगा। चीन की प्रगति व खुशहाली को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी व नागरिकों के योगदान से अलग नहीं किया जा सकता है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कई बार पार्टी कार्यकर्ताओं को यह याद दिलाया है कि सीपीसी के क्या कर्तव्य हैं।

बता दें कि 1921 में इस पार्टी की स्थापना सामंतवाद का खात्मा करने और विदेशी आक्रमण से निपटने के लिए हुई थी। जबकि 1949 में नए चीन की स्थापना के साथ ही राष्ट्र निर्माण में सीपीसी की भूमिका और व्यापक हो गयी । पिछले सौ वर्षों में भले ही पार्टी का आकार बहुत बड़ा हो गया हो, पर वह अपने मूल उद्देश्यों को लेकर प्रतिबद्ध दिखती है। जिसमें मार्क्सवाद को मार्गदर्शक विचारधारा के रूप में मानना प्रमुख है।

कहा जा सकता है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी व सरकार विभिन्न योजनाएं बनाते वक्त नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखती है। इसी का नतीजा है कि पार्टी के प्रति चीनी लोगों में भरोसा लगातार बढ़ रहा है। हाल में हुए सर्वे से भी पता चलता है कि नागरिक देश के निर्माण में सीपीसी के योगदान को कितना अहम मानते हैं।

 

साभार-चाइना मीडिया ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *