China's two-sessions
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कोरोना संकट के बीच चीन में होंगे साल के सबसे अहम सम्मेलन

चीन में हर साल मार्च महीने में आयोजित होते हैं, एनपीसी और सीपीपीसी के सम्मेलन। लेकिन इस बार कोरोना वायरस की दहशत के चलते चीन के टू-सेशन्स मार्च में संपन्न नहीं हो पाए। अब चीन की ओर से इन दोनों सम्मेलनों को 21 और 22 मई को आयोजित करने का निर्णय किया गया है।

Report Ring desk/ China media group

दुनिया भर में जारी कोरोना वायरस के संकट के बीच चीन में इस साल के दो सबसे अहम सम्मेलन आयोजित होने जा रहे हैं। वैसे हर वर्ष ये दोनों सम्मेलन मार्च के महीने में आयोजित होते रहे हैं। लेकिन इस बार कोविड-19 के खतरे को देखते हुए समय पर नहीं हो पाए। लेकिन अब चीन में स्थिति लगभग सामान्य हो चुकी है, तो चीन ने इनके आयोजन का महत्वपूर्ण फैसला किया है।
बताया जाता है कि इस बार के टू-सेशन्स यानी एनपीसी और सीपीपीसीसी के पूर्णाधिवेशन 21 मई और 22 मई को होंगे। सालाना सम्मेलन चीनी राजनीतिक जगत में बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पिछले दो दशक से उक्त दोनों सम्मेलन आम तौर पर मार्च की शुरूआत में आयोजित होते रहे हैं। लेकिन इस वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित किए गए थे।

क्या खास होगा इन सम्मेलनों में

अब चीन में महामारी पर अच्छी तरह से कंट्रोल कर लिया गया है। तो इस बार के सम्मेलन कैसे आयोजित होंगे?कितने दिन चलेंगे?अब इस बारे में कुछ खास जानकारी नहीं है। तीन हफ्ते बाद कोविड-19 की वैश्विक स्थिति में क्या बदलाव आएगा, अभी नहीं कहा जा सकता है। उम्मीद है कि चीन महामारी की स्थिति के अनुसार इनका आयोजन करेगा।

गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य पाने का दावा

2020 चीन के लिए एक विशेष साल माना जा रहा है। क्योंकि चीन सरकार ने गरीबी उन्मूलन हासिल करने का लक्ष्य पेश किया था। आगामी दो पूर्णाधिवेशनों में चीन इस ऐतिहासिक मिशन को पूरा करने के लिए क्या प्रबंध करेगा?इस बात पर लोगों व जानकारों की नजर रहेगी।
इसके साथ ही हर साल चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग सरकारी कार्य रिपोर्ट में सालाना आर्थिक व सामाजिक विकास के प्रमुख लक्ष्य पेश करते हैं। इस साल की पहली तिमाही में कोविड-19 के प्रकोप से चीन की जीडीपी माइनस 6.8 फीसदी रही, तो इस साल का आर्थिक विकास का लक्ष्य कैसे निर्धारित किया जाएगा?

हर साल के टू-सेशन्स में एनपीसी के प्रतिनिधि या सीपीपीसीसी के सदस्य एकत्र होकर देश के अहम मामलों पर चर्चा करते हैं। इस साल वे महामारी के मुकाबले में चीनी राष्ट्र द्वारा प्रदर्शित प्रणाली की श्रेष्ठता पर जरूर चर्चा करेंगे। लेकिन साथ ही महामारी के दौरान सामने आयी कमियों में सुधार करने पर भी विचार विमर्श करेंगे। इसके साथ ही चीन देश की प्रशासन व्यवस्था और प्रशासन क्षमता के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने की नीति भी तैयार करेगा।

साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, बीजिंग

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