china-lifts-76-day-covid-19-lockdown-in-wuhan
देश दुनिया

76 दिन के लॉकडाउन के बाद आजाद हुआ वुहान, पटरी पर लौटी जिंदगी

चीन के वुहान शहर से शुरु हुआ कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुका है, अब तक 88 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो गयी है, जबकि लाखों इस खतरनाक वायरस से संक्रमित हुए हैं। लेकिन इस बीच चीन में वायरस का केंद्र वुहान 76 दिनों के लॉकडाउन के बाद आज़ाद हो सका है। हालांकि अब भी वह पूरी तरह नहीं खुला है, कुछ चीज़ों पर पाबंदी जारी है। 

Report ring desk

कोरोना वायरस का केंद्र रहे चीन के वुहान शहर में जिंदगी पटरी पर आने लगी है। बुधवार को 76 दिन बाद वुहान को लाॅकडाउन से आजाद कर दिया है। 23 जनवरी के बाद इस शहर के लोग पहली बार बिना किसी रोक-टोक के घर से बाहर जा सकेंगे। पिछले साल दिसंबर में यहीं से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी। चीन में इस महामारी से 3331 लोगों की मौत हुई जिसमें से 2500 मृतक वुहान के थे।
हुबेई प्रांत के वुहान शहर की आबादी 1.1 करोड़ है। चीन में यह शहर कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित था। चीन के कुल 82 हजार कोरोना संक्रमितों में से 50 हजार इसी शहर में थे, जिसमें से 2500 को नहीं बचाया जा सका । ढाई महीने के बाद इस शहर के लोग बुधवार से सामान्य जिंदगी की शुरुआत करेंगे। शहर में यातायात शुरु होगा, देश के दूसरे हिस्सों के लिए ट्रेनें चलेंगी और एरोप्लेन भी उड़ान भरेंगे। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, प्रांतीय प्रशासन ने भी स्थानीय परिवहन और इंटर प्रोविंस परिवहन पर लगाए प्रतिबंध को हटा दिया है। लाॅकडाउन में फंसे लोग अब अपने काम पर लौट सकते हैं।

दिसंबर में कोरोना वायरस के लक्षण वुहान की सीफूड और मीट मार्केट में काम करने वालों में दिखे थे। कुछ ही दिन में यह संक्रमण महामारी में बदल गया। कोरोना संक्रमण मामलों में तेजी के बाद सरकार ने वुहान में लॉकडाउन लागू कर दिया गया। वायरस के फैलाव के साथ लॉकडाउन पूरे हुबेई प्रांत में लागू कर दिया गया।
वुहान में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के प्रमुख वांग झोंगलिन ने रविवार को कहा, ‘सामुदायिक स्तर पर अधिकारी सख्ती से निगरानी और प्रबंधन करते रहेंगे। सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्रैफिक बहाली के साथ संक्रमण दोबारा ना फैले।’ अधिकारियों ने कहा कि आवासीय इलाकों में प्रवेश और निकासी संबंधी प्रतिबंध और निगरानी जारी रखा जाएगा।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, रेस्ट्रॉन्ट्स, होटल्स, दुकानों,बसों और सबवे स्टेशनों में लोगों से हेल्थ कोड स्कैन करने को कहा जाएगा ताकि उनके स्वास्थ्य की स्थिति और यात्रा इतिहास की निगरानी हो सके। इस महामारी का खतरा अभी बना हुआ है। दुनियाभर में 13 लाख से अधिक लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 70 हजार से अधिक लोगों की जान चली गयी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *