देश दुनिया

खुशहाल व समृद्ध समाज बनाने की ओर अग्रसर है चीन 

चीन ने एनपीसी व सीपीपीसीसी के सफल आयोजन से दिखा दिया कि वह विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक व मजबूत शक्ति क्यों है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग व तमाम नेताओं के साथ-साथ सभी प्रतिनिधियों व सदस्यों को इसका श्रेय देना होगा। जल्द ही बेल्ट एंड रोड पर फोरम का बड़ा आयोजन भी चीन करेगा, जिस पर लोगों की निगाहें होंगी। 
 
By Anil Azad Pandey
 
बीजिंग। में जारी 13वीं एनपीसी के दूसरे पूर्णाधिवेशन की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। पांच मार्च से शुरू हुई नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में 2900 से अधिक जन प्रतिनिधि अहम विषयों पर विचार-विमर्श करने में जुटे हुए हैं। पंद्रह मार्च को संपन्न होने वाले अधिवेशन में लगातार विभिन्न प्रांतों के प्रतिनिधियों की बैठकें हो रही हैं। जिसमें चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी कभी-कभी हिस्सा ले रहे हैं। वे फूच्यान प्रांत व कानसू आदि प्रांतों के प्रतिनिधियों की बैठक में प्रतिनिधियों से मुलाकात भी कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने गरीबी उन्मूलन को सरकार का लक्ष्य बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक देश के सभी लोगों का जीवन स्तर अच्छा नहीं हो जाता। सरकार प्रयास जारी रखेगी। विशेषकर उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों का जिक्र किया। क्योंकि कहा जाता है कि चीन के शहरों में गरीब नहीं हैं।
चीन में जिस तरह से एनपीसी और सीपीपीसीसी दो सत्रों का सफल आयोजन हो रहा है। उस पर विभिन्न देशों की मीडिया व विशेषज्ञ भी नजर रखे हुए हैं। यह चीन की मजबूत इच्छा शक्ति का एक प्रतीक है। जिस तरह चीन लगातार बड़े आयोजनों का सफलता से आयोजन कर रहा है। वह अपने आप में एक उदाहरण है। हालांकि चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाले ये दो सत्र हर साल होते है। लेकिन हज़ारों प्रतिनिधियों व सदस्यों के साथ-साथ मीडिया आदि के लिए व्यापक इंतजाम करना आसान नहीं होता। पर चीन ने यह साबित कर दिया है कि वह दुनिया की दूसरे नंबर की आर्थिक शक्ति क्यों है।
अगर अधिवेशन के दौरान चीनी नेताओं की बात करें तो चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने पांच मार्च को लंबी व उपयोगी सरकारी कार्य रिपोर्ट पेश कर सबका ध्यान खींचा। वहीं चीनी विदेश मंत्री वांग यी द्वारा बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में भी चीन ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। जिसमें चीनी पत्रकारों के साथ-साथ विश्व के कई देशों के मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद थे और उन्होंने सवाल भी किए।
बात करें गरीबी उन्मूलन की तो चीनी राज्य परिषद के गरीबी उन्मूलन कार्यालय के प्रमुख ने भी बड़े सही ढंग से गरीबी खत्म करने संबंधी बातें कही। शायद चीन को न समझने वाले लोगों को इस बात का यकीन न हो, लेकिन चीन ने करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने का करिश्मा कर दिखाया है। जहां तक प्रदूषण की समस्य को हल करने की बात है तो चीन ने इस दिशा में भी बहुत काम किया है। हाल के वर्षों में चीन ने नवीन व पुनरुत्पादनीय ऊर्जा के इस्तेमाल पर खासा दिया है। इसके साथ ही कोयले से चलने वाले कारखानों पर भी बहुत हद तक लगाम लगायी है। वहीं चीन बिजली से चलने वाले वाहनों के संचालन को भी प्रोत्साहित कर रहा है। जिसका असर बीजिंग, शांगहाई, शनचन आदि शहरों में साफ देखा जा सकता है।
मैं चीन में पिछले कई सालों के अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि चीन सरकार राष्ट्रपति शी चिनफिंग के नेतृत्व में प्रदूषण की रोकथाम के लिए वाकई गंभीर है। इसका व्यापक प्रभाव मैंने राजधानी बीजिंग में देखा है। कुछ वर्ष पहले तक यहां प्रदूषण की बहुत बड़ी समस्या थी, लेकिन तमाम उपाय करने के बाद इसमें काफी सुधार आया है। इसी तरह कोशिश जारी रही तो चीनी लोग साफ-सुथरी हवा में सांस ले पाएंगे। यह कोई सपना नहीं है, बल्कि हकीकत है।
विभिन्न क्षेत्रों में चीन सरकार व नेताओं के प्रयास देखकर कहा जा सकता है चीन एक खुशहाल और समृद्ध समाज बनाने की ओर तेजी से अग्रसर है। इसके साथ ही चीन विश्व शांति व वैश्विक अर्थव्यवस्था में खुलेपन का अगुवा भी है। वर्तमान सत्रों के दौरान भी चीन ने विश्व को खुलेपन और सुधार का संदेश दिया है। विदेशी निवेश कानून को लेकर चीन की गंभीरता से साबित होता है कि चीन विश्व के लिए मुक्त बाजार का एक प्रमुख स्रोत देश बनने वाला है। चीन का यह कदम ऐसे में समय में आया है, जब विश्व मंदी की चपेट में है और अमेरिका जैसे देश संरक्षवाद और अपने देश के हितों को सर्वोपरि मान रहे हैं।
लेखक चाइना मीडिया ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार हैं और भारत के प्रमुख राष्ट्रीय अखबारों में काम करने का अनुभव है। इसके साथ ही हैलो चीन पुस्तक के लेखक भी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *