rakhi making
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सीमा (border)पर तैनात(deployed) जवानों (soldiers) की कलाइयों पर सजेंगी बच्चों के हाथ बनी (Rakhi)राखियां

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पिथौरागढ़।  पिथौरागढ़ के बच्चे सीमा में तैनात जवानों के लिए राखियां बना रहे हैं। घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी के बच्चों ने राखियां बनानी शुरू कर दी हैं। संस्था ने 15 हजार से अधिक राखियां जवानों के लिए भेजने का लक्ष्य रखा है। इस साल ऐंपण को भी राखियों में शामिल किया जा रहा है। दिव्या रस्तोगी और पूजा भट्ट बच्चों को राखियां बनाना सिखा रहे हैं।

यह सोसायटी पिछले पांच साल से राखियां बना रही है। संस्था धान, रिंगाल, जूट के धागे और चीड़ के स्यूंते से राखियां बना रही है।

इसके अलावा रक्षा धागे और रुद्राक्ष का भी राखियों में उपयोग किया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष अजय ओली का कहना है कि इस साल राखियों में ऐंपण का प्रयोग भी किया है। हर साल की तरह इस साल भी सेना के जवानों को राखियां भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया बच्चे 15 हजार से अधिक जवानों के लिए राखियां भजेंगे।

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