कला संस्कृति

गुड़ाई और धान रोपाई से गुम हो गई हुड़के की थाप और हुड़किया बौल ( hurkiya baul )

By Diwan karki अल्मोड़ा। मानसून के आगमन के साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में खरीफ की फसल के लिए कृषि कार्य जोर पकड़ने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में इन दिनों धान की रोपाई के साथ ही मडुवा, मादिरा की गुड़ाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। इसके साथ ही खरीफ की फसल में बोई जाने […]

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तिब्बत की सुंदरता के कहने ही क्या…

मनुष्य को प्रकृति ने कितने बड़े उपहार दिए हैं, हमारे दिलों में प्रकृति मां या मातृभूमि के लिए उतना बड़ा धन्यवाद होना चाहिए.. By Pro. Navin Lohani, Delhi …………………………………… मुझे पिछले साल तिब्बत यात्रा के दौरान एक अवसर मिला जब एक कमरे की छत पर लगाई जाने वाली सामग्री को बराबर करते और गाते हुए […]

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घर-घर इसलिए आता है श्री गंगा दशहरा द्वार पत्र

By Aashish Pandey हल्द्वानी। उत्तराखंड अपनी खूबसूरती और तीज त्यौहारों के लिए जाना जाता है। गौर करें तो पहाड़ में हर महीने कोई न कोई त्यौहार मनाया जाता है। आज गंगा दशहरा है। गंगा दशहरा देशभर में मनाया जाता है। इस दिन गंगा को जल अर्पण किया जाता है और सुख समृद्धि की कामना की […]

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इसलिए किया जाता है वट सावित्री व्रत, जानिए पौराणिक कथा

By Aashish Pandey, Haldwani हिन्दू परंपरा में स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए तमाम व्रत का पालन करती हैं। वट सावित्री व्रत भी सौभाग्य प्राप्ति के लिए एक बड़ा व्रत माना जाता है। व्रत के दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए व्रत रखती हैं, यह व्रत ज्येष्ठ  मास की अमावस्या […]

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तेरे जाने के बाद…

By Harish जिंदगी अधूरी सी थी तेरे आने से पहले, ज़िंदगी पूरी हुई तेरे आने के बाद, ज़िंदगी फिर से अधूरी हो गई तेरे जाने के बाद,, मैं अकेला खुश था तेरे आने से पहले, मैं खुशनसीब हो गया तेरे आने के बाद, मैं मुस्कुराना भूल सा गया तेरे जाने के बाद,, मुझमें बहुत कमियाँ […]

kalyan mankoti
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शिक्षा में ‘कल्याणकारी’ प्रयोग में जुटे शिक्षक कल्याण मनकोटी

By Diwan karki अल्मोड़ा। कोरोना वायरस के कहर के साथ ही देश में लॉकडाउन भी जारी है। लॉकडाउन-4 में कुछ रियायतों से लोगों ने राहत की सांस तो ली है। लेकिन शिक्षण संस्थान अब भी बंद पड़े हैं। लम्बे समय से स्कूल, कालेज बंद होने से बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हुई है। इसकी भरपाई […]

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बड़े भोले से बन फैला रहे हैं वायरस..

कोरोना वायरस की महामारी के दौर में लॉकडाउन जारी है। कई लोग ऐसे हैं जो इस वायरस की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं और बेवजह बाहर निकलने के लिए बहाने ढूंढ रहे हैं। इसी विषय पर केंद्रित हैं, जानी मानी लेखिका अनीता शर्मा द्वारा लिखी गयी कुछ पंक्तियां.. ………………………… By Dr. Anita sharma, Shanghai […]

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अचंभित कहूँ या मनमोहक कहूँ..

By Harish वो काले बादलों का घिरकर एकत्र होना वो अंबर में उनका निरंकुश दौड़ लगाना, अचंभित कहूँ या मनमोहक कहूँ,, वो अंबर में उनका टकराना अचानक तेज रोशनी प्रकट होना एक भयानक गर्ज़न का उत्पन्न होना और धरा में कंपन होना, अचंभित कहूँ या मनमोहक कहूँ,, वो हल्की बारिश की बूँदों का गिरना उनका […]

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कभी भूखे पेट भी सोना पड़ता है….

By Harish कभी भूखे पेट भी सोना पड़ता है कभी अकेले में रोना भी पड़ता है, सपनों को अपने संजोना भी पड़ता है अपनों को कभी खोना भी पड़ता है, कुछ बेगाने अपने हो जाते हैं कुछ जिगरी यार बिछड़ जाते हैं, वह स्वादिष्ट पकवान वह हँसी-मज़ाक अपनों के संग कुछ धुंधले से, फीके पड़े […]

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कैसे भूल सकते हैं जननी को हम….

जननी यानी मां को समर्पित कुछ पंक्तियां… By Santosh kumar Mishra   जननी हे प्रथम अवलंब धरा की हो तुम स्वयं धरा ही। तन के त्रिन् का कब मोल किया तनय तान्या पर सब वार दिया। दुख सुख का अवमूल्यन कर कल्पना के कुछ प्रसून लिए सह दुर्दिन के ताने बाने शैशव को आकर दिए। […]