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इस गांव में रहते हैं जुड़वां ही जुड़वां, मुर्गी और बकरी के बच्चे भी जुड़वां, पढ़िए पूरी स्टोरी!


पड़ोसी देश चीन में दुर्गम पहाड़ी इलाके में बसा है यह गांव, समुद्रतल से ऊंचाई है 1100 मीटर

नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है ऐसे किसी गांव या इलाके बारे में, जहां जुड़वां ही जुड़वां रहते हों। भले ही आपको यकीन न आए लेकिन हकीकत में एक ऐसा गांव है, जहां बड़ी तादाद में जुड़वां रहते हैं। यह गांव है पड़ोसी देश चीन में। जी हां, दक्षिण पश्चिम चीन के छोंगछिंग शहर से कई किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी इलाके में बसे छिंगयुआन नामक गांव को जुड़वां गांव भी कहा जाता है। यह रहस्य का विषय है कि आखिर इस गांव में जुड़वां पैदा होने की वजह क्या है। दरअसल इस गांव की आबादी महज 367 है, पर यहां 39 जुड़वां(78 लोग) रहते हैं। आम लोगों के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है।

जैसे ही बाहरी दुनिया को इस गांव के बारे में पता चला, यहां बड़ी संख्या में लोग जुड़वां को देखने आने लगे हैं। बताया जाता है कि इस गांव के प्राइमरी स्कूल की लगभग हर क्लास में जुड़वां बच्चे पढ़ते हैं। इतना ही मुर्गियां भी दो ज़रदी(अंडे का पीला भाग) वाले अंडे देती हैं। जबकि बकरियां भी जुड़वां बच्चों को जन्म देती हैं। अब इस गांव के जुड़वां कनेक्शन को लेकर जैनेटिक रिसर्चर्स शोध करने में जुट गए हैं।गांव में सबसे अधिक उम्र के जुड़वां 89 साल के हैं। जबकि सबसे छोटे कुछ महीने के हैं। लेकिन इस बात का पता नहीं चल सका है कि इस गांव के तमाम परिवारों में जुड़वां बच्चे क्यों पैदा होते हैं।

 स्थानीय मीडिया के मुताबिक छंग श्यानमिंग नामक एक व्यक्ति की लगभग दस साल पहले शादी हुई। 2011 में छंग और उसकी पत्नी काम की तलाश में शहर चले गए, लेकिन बाद में अपने परिजनों की देखभाल के लिए गांव लौट आए। इसी बीच उसकी पत्नी गर्भवती हो गई, और उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। छंग बताते हैं कि उनके गांव के प्राथमिक स्कूल में प्रत्येक कक्षा में जुड़वां बच्चे हैं। वहीं 68 वर्षीय चांग युआनछिंग के दो जुड़वां बेटे हैं, जिनके नाम फान वनचु और फान वन शुआंग हैं। फान वनचु और उनके जुड़वां भाई छोंगछिंग(चीन के सबसे अाधुनिक शहरों में से एक) जा बसे हैं, जहां वे बिजनेस करते हैं। उनके पिता की दिली इच्छा है कि दोनों गांव वापस आएं और यहां उनका विवाह कर दिया जाय। ताकि उनके भी जुड़वां हो सकें।  एक अन्य ग्रामीण हुआंग हाईछिंग के परिवार में तीन पीढ़ियों से जुड़वां पैदा हो रहे हैं। उनका एक जुड़वां भाई है, उसके भी दो जुड़वां बेटे हैं, जबकि हुआंग के पोते भी जुड़वां हैं। वहीं उनकी भतीजी ने भी दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया है।

 लोगों को लगता है कि इस गांव में इतने सारे जुड़वां बच्चे पैदा होने के पीछे कौन सा चमत्कार है। वहीं शहरों में जा बसे गांव वाले भी अपने इस पुश्तैनी इलाके में वापस आ रहे हैं, इस उम्मीद में कि उनके घर भी जुड़वां संतान पैदा हो जाय।बता दें कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र का यह गांव समुद्रतल से 1100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां साल भर में औसतन 867 घंटे धूप खिली रहती है। और औसत तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रहता है। 
वहीं भारत में केरल के मालाप्पुरम ज़िले के कोडिनही गांव में भी 2009 में इस तरह का गांव खबरों में आया था। इस गांव में 2000 लोग रहते हैं, जिनमें जुड़वां जोड़ों की संख्या 200 से अधिक है।

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