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भारतीय वैज्ञानिकों को मिली ये बड़ी कामयाबी, दवा और वैक्सीन बनाने में मिलेगी मदद

रिपोर्ट रिंग आईसीएमआर के निदेशक जनरल बलराम भार्गव के मुताबिक भारत में कोरोना वायरस को अगले स्टेज में पहुंचने से रोकने के लिए एक महीने का समय है। इस बीच पर्याप्त उपाय कर के इसे स्टेज-3 में पहुंचने से रोका जा सकता है। उनके मुताबिक सरकार इस दिशा में काम भी कर रही है। जनरल भार्गव के मुताबिक स्टेज-3 में वायरस बड़े पैमाने पर लोगों में फैलने लगता है, जबकि स्टेज-4 में महामारी की स्थिति हो जाती है। चीन और इटली में कोरोना वायरस संक्रमण इससे भी अगले स्टेज में पहुंच चुका है। फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता कि कोरोना वायरस खत्म कब होगा

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चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस दुनिया के कई देशों में अपना पांव पसारता जा रहा है। भारत में भी रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं। दिल्ली के जनकपुरी में महिला की मौत के साथ भारत में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या दो हो गई, जबकि इससे संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश में यह महामारी अभी दूसरे स्टेज में है और इसे रोकने के लिए सरकार ने ठोस कारगर कदम नहीं उठाए तो स्थिति बिगड़ सकती है। भारतीय स्वास्थ्य शोध परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक अभी इसे अगले स्टेज से रोकने के लिए सरकार के पास एक महीना है।
अगर कोरोना तेजी से फैलता है तो कितने तैयार हैं हम
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फिलहाल कोरोना वायरस को रोकने के लिए सरकार तैयारी में है और कदम भी उठा रही है। लेकिन एक सवाल यह भी है कि यदि देश में कोरोना तेजी से बड़े स्तर पर फैलता है और महामारी की तरह समुदायों को प्रभावित करने लगता है तो इसके लिए क्या भारत के पास पर्याप्त परीक्षण किट हैं? 

इस सवाल पर आईसीएमआर डीजी भार्गव बताते हैं कि यदि वायरस तेजी से फैलता है और महामारी का रूप लेता है तो देश में टेस्टिंग के लिए पर्याप्त किट हैं। फिलहाल देश के अलग अलग राज्यों में 51 लैब कोरोना वायरस की टेस्टिंग कर रही हैं। इन लैबों की क्षमता एक दिन में 4590 टेस्ट करने की है। 

आईसीएमआर ने पूरे देश में 106 वायरस रिसर्च और डायग्नॉस्टिक लैब तैयार किया है, जहां सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीजों के भी नमूने लिए जा रहे हैं। 15 फरवरी से लेकर 29 फरवरी के बीच 13 लैब में लिए गए 20 सैंपल निगेटिव मिले। 15 मार्च को फिर से सैंपल लिए जाएंगे, ताकि वातावरण में इसके फैलने की सही जानकारी मिल सके।

उन्होंने कहा कि टेस्ट के लिए हमें मुख्यत: दो केमिकल एजेंट प्राइमर और प्रॉब की जरूरत होती है। प्राइमर स्थानीय स्तर पर तैयार किया जा सकता है, जबकि प्रॉब हमें खरीदना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आईसीएमआर लैब नेटवर्क में फिलहाल एक लाख प्रॉब उपलब्ध हैं और इसके अलावा दो लाख अतिरिक्त प्रॉब खरीदे जा रहे हैं।

 नाक बहने या छींक से घबराएं नहीं, ऐसे पता करें आपको कोरोना वायरस है या केवल सर्दी-बुखार

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दरअसल, कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच लोग सीजनल फ्लू के लक्षण होने पर भी घबरा जा रहे हैं। अगर आपका नाक जाम है या उससे पानी गिर रहा है तो इसका मतलब ये नहीं कि आप कोरोना वायरस से पीड़ित हैं। कोरोना की फिलहाल कोई दवा नहीं है, जबकि फ्लू की चार दवाइयां पहले से हैं। लक्षण सामने आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलने और दवा लेने से राहत मिल सकती है।

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